हिमाचल प्रदेश में होने वाली विभिन्न परीक्षाओ जैसे HPPSC (हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग), HPRCA और HPSSSB द्वारा ली जाती हैं इसमें ये प्रश्न पूछा जाता है कि हिमाचल का सबसे बड़ा मतस्य प्रजनन केंद्र कौन सा है? आइये इसके बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करें ताकि मत्स्य पालन से जुड़ा हिमाचल प्रदेश में कोई भी प्रश्न आये उसे हल किया जा सके। ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━
प्रश्न:- हिमाचल प्रदेश के किस जिले में एशिया का सबसे बड़ा मत्सय (मछली) उत्पादन केंद्र है?
A. कांगड़ा जिले में
B. ऊना जिले में
C. बिलासपुर जिले में
D. चंबा जिले में
✅ सही उत्तर : C. बिलासपुर जिले में
व्याख्या :- देवली या देओली फिश फार्म हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है। यहाँ पर अलग अलग प्रकार की प्रजातियों का प्रजनन किया जाता है और पूरे उत्तर भारत में मछली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाता है।
✔ मुख्य तथ्य –
- देवली या दिओली मत्स्य फार्म हिमचल प्रदेश का ही सबसे बड़ा मछली उत्पादन केंद्र नहीं पूरे एशिया का सबसे मतस्य उत्पादन का केंद्र है।
- आर्थिक दृष्टि से
इसका बहुत महत्व है । ये भारत के उत्तरी राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा के लिए विभिन्न प्रजातियों का प्रजनन करवा के मछली उत्पादन
को बढ़ावा देता है ताकि मछली उत्पादन में भारत का स्थान अपना मुकाम हासिल करे।
- यह 4.4 हैकटैर भूमि में फेला हुआ है मछली उत्पादन को बढ़ावा दें के लिए यहाँ पर 14 टैंक बनाए गए हैं और इसके इलावा दो बड़े तालाबों का निर्माण किया गया है जिससे अलग-अलब प्रकार की मछली प्रजातियों का प्रजनन करवाया जाता है।
- सबसे बड़ी याद रखने योग्य यह बात है की गोविंद सागर झील में जितनी भी मछली का उत्पादन होता है ये मझली केंद्र, एक सोर्स के रूप में काम करता है।
- जब इस फार्म को शुरू किया गया तब भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे पर उनके प्रयासों से नहीं यह प्रजनन केंद्र हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन सी एम डॉक्टर YS Parmaar और हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रयासों से हुआ है।
- यह हिमाचल का ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा मत्स्य केंद्र है इसलिए इसमें कुछ विदेशी फिश का भी उत्पादन किया जाता है जैसे कॉमन कार्प, सिल्वर कार्प , सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प आदि। भारतीय प्रमुख कार्प (Indian Major Carps):- कुछ भारतीय मूल के किस्म की फिश भी हैं जैसे रोहू (Rohu), कतला (Catla) और मृगल (Mrigal) किस्म की मझलियों का प्रजजन इसी मत्स्य केंद्र में किया जाता है।
✔ महत्वपूर्ण वर्ष/स्थान – यह प्रजनन केंद्र अली खड्ड के किनारे हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है। यह मछली प्रजनन केंद्र 1962 में वजूद में आया था उसके बाद इस प्रजनन केंद्र ने काफी विकास किया है। 1989 में फिश फ़ार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए यहाँ पर एक फिश फ़ार्मिंग स्कूल का निर्माण भी किया गया है जहां भारत के अलग अलग राज्यों से लोग इस व्यवसाए के बारे में जानकारी लेने के लिए आते हैं।
✔ परीक्षा उपयोगी जानकारी (EXAM BOOSTER) याद रखें:- एशिया और हिमाचल का सबसे बड़ा फिश फार्म—एचपी बिलासपुर जिला भारत | स्थापना वर्ष 1962 | क्षेत्रफल - 4.4 हेक्टेयर | प्रजनन के लिए 14 टैंक और दो बड़े तालाब | गोविन्द सागर झील के लिए मछली उत्पादन का Source | डॉ.यशवन्त सिंह परमार के समय चालू किया गया
मुख्य
कार्य:
✔
मत्स्य बीज उत्पादन
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मत्स्य पालन प्रशिक्षण
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अनुसंधान एवं प्रदर्शन
✔
गोविंद सागर झील के लिए मत्स्य बीज
उपलब्ध कराना
देवली या दिओली मत्स्य फार्म Google Map
"ज्ञान ही सफलता की
कुंजी है" "प्रतियोगी
परीक्षाओं की सम्पूर्ण तैयारी"-- gkpustak

