1966 में हिमाचल प्रदेश में कौन-कौन से क्षेत्र जुड़े थे? पूरी जानकारी | GK Pustak

1 नवंबर 1966 हिमाचल प्रदेश के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तारीखों में से एक है। इसी दिन पंजाब के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र लगभग दोगुना हो गया।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1966 में हिमाचल प्रदेश में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हुए थे?

क्या केवल कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और लाहौल-स्पीति ही हिमाचल में आए थे? क्या पंजाब की कुछ तहसीलें और सीमावर्ती क्षेत्र भी इसमें शामिल हुए थे?

इसका जवाब जानने के लिए हमें Punjab Reorganisation Act, 1966 को समझना होगा।


1966 में हिमाचल प्रदेश का विस्तार क्यों हुआ?

स्वतंत्रता के बाद पंजाब के पुनर्गठन और विशेष रूप से पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों को हिमाचल प्रदेश के साथ मिलाने की मांग लंबे समय से चल रही थी।

1965 में पंजाब के पुनर्गठन का प्रश्न फिर प्रमुखता से सामने आया। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के अभिलेखों के अनुसार, 1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के साथ पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का हिमाचल प्रदेश में विलय हुआ।

इस पुनर्गठन के पीछे भाषाई, भौगोलिक और प्रशासनिक प्रश्न महत्वपूर्ण थे।

इसी प्रक्रिया का परिणाम था कि हिमाचल प्रदेश का क्षेत्र बहुत अधिक बढ़ गया।


1 नवंबर 1966 को क्या हुआ?

Punjab Reorganisation Act, 1966 संसद द्वारा पारित किया गया था। इस अधिनियम में 1 नवंबर 1966 को पुनर्गठन की निर्धारित तारीख यानी appointed day माना गया।

अधिनियम की धारा 5 में स्पष्ट रूप से बताया गया कि उस दिन पंजाब के कौन-कौन से क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित होंगे।

इन क्षेत्रों को मोटे तौर पर दो भागों में समझा जा सकता है:

बड़े पहाड़ी जिले

  1. कांगड़ा जिला
  2. कुल्लू जिला
  3. शिमला जिला
  4. लाहौल एवं स्पीति जिला

अन्य स्थानांतरित क्षेत्र

  1. नालागढ़ तहसील — तत्कालीन अंबाला जिला
  2. ऊना तहसील के कुछ क्षेत्र — तत्कालीन होशियारपुर जिला
  3. गुरदासपुर जिले के धार कलां क्षेत्र के निर्धारित हिस्से


इसलिए 1966 का पुनर्गठन केवल चार जिलों के स्थानांतरण तक सीमित नहीं था।


1966 में कांगड़ा हिमाचल में शामिल हुआ

कांगड़ा 1966 में हिमाचल प्रदेश में शामिल होने वाला सबसे महत्वपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र था।

उस समय कांगड़ा एक बहुत बड़ा जिला था और उसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण तहसीलें थीं।

कांगड़ा जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 1966 में हिमाचल में स्थानांतरण के समय कांगड़ा जिले में मुख्य रूप से ये छह तहसीलें थीं:

  • कांगड़ा
  • नूरपुर
  • पालमपुर
  • देहरा गोपीपुर
  • हमीरपुर
  • ऊना


बाद में हिमाचल सरकार ने 1972 में कांगड़ा जिले का पुनर्गठन किया और हमीरपुर तथा ऊना अलग जिले बने।

यानी आज का कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना जिस रूप में दिखाई देते हैं, उसकी प्रशासनिक जड़ें 1966 के बाद के पुनर्गठन से जुड़ी हैं।


1966 में कुल्लू हिमाचल का हिस्सा बना

कुल्लू भी 1 नवंबर 1966 को हिमाचल प्रदेश में शामिल हुआ।

कुल्लू का इतिहास कांगड़ा से भी जुड़ा रहा है। ब्रिटिश काल में कुल्लू और लाहौल-स्पीति कांगड़ा जिले के प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा थे। बाद में कुल्लू को अलग जिला बनाया गया।

कुल्लू जिला प्रशासन के अनुसार, 1963 में कुल्लू को पंजाब का अलग जिला बनाया गया था और 1 नवंबर 1966 को यह हिमाचल प्रदेश का जिला बना।

इस प्रकार 1966 के बाद कुल्लू हिमाचल के प्रशासनिक नक्शे का स्थायी हिस्सा बन गया।


लाहौल-स्पीति भी हिमाचल में शामिल हुआ

लाहौल और स्पीति क्षेत्र भी 1 नवंबर 1966 को हिमाचल प्रदेश में शामिल हुए।

दिलचस्प बात यह है कि लाहौल-स्पीति का प्रशासनिक इतिहास काफी जटिल रहा है। यह क्षेत्र पहले कांगड़ा और बाद में कुल्लू के प्रशासनिक ढांचे से जुड़ा रहा।

1966 में इसे एक अलग जिले के रूप में हिमाचल प्रदेश में शामिल किया गया।

आज लाहौल-स्पीति अपनी ऊँची हिमालयी घाटियों, बौद्ध संस्कृति और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हिमाचल की विशिष्ट पहचान रखता है।


शिमला जिले का भी बड़ा हिस्सा हिमाचल में आया

1966 के पुनर्गठन में शिमला जिला भी हिमाचल प्रदेश में शामिल हुआ।

यहां एक ऐतिहासिक तथ्य समझना जरूरी है।

शिमला और आसपास के कई पहाड़ी क्षेत्र पहले से ही हिमाचल के प्रशासनिक इतिहास से जुड़े हुए थे, लेकिन 1966 के पुनर्गठन में तत्कालीन पंजाब के शिमला जिले के क्षेत्र भी हिमाचल प्रदेश में आए।

Punjab Reorganisation Act की धारा 5 में Simla district को उन क्षेत्रों में शामिल किया गया जिन्हें पंजाब से हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित किया जाना था।

इसी अधिनियम के अनुसार नालागढ़ तहसील को भी हिमाचल में स्थानांतरित किया गया और उसे शिमला जिले में शामिल किया गया।

बाद में 1972 में प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान सोलन जिला अस्तित्व में आया।


नालागढ़ तहसील भी हिमाचल में आई

1966 के बदलाव में केवल पहाड़ी जिले ही नहीं जुड़े।

नालागढ़ तहसील, जो उस समय अंबाला जिले का हिस्सा थी, उसे भी हिमाचल प्रदेश में शामिल किया गया।

Punjab Reorganisation Act, 1966 की धारा 5 में नालागढ़ तहसील को स्पष्ट रूप से हिमाचल में स्थानांतरित किए जाने वाले क्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया है। अधिनियम के अनुसार इसे हिमाचल के शिमला जिले में शामिल किया जाना था।

जिला पुनर्गठन के बाद नालागढ़ क्षेत्र वर्तमान सोलन जिले का हिस्सा बना।


ऊना का क्षेत्र भी 1966 में हिमाचल आया

आज का ऊना जिला भी 1966 के घटनाक्रम से सीधे जुड़ा है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है:

1966 में ऊना अलग जिला नहीं था।

उस समय ऊना होशियारपुर जिले की तहसील था।

Punjab Reorganisation Act में ऊना तहसील के निर्धारित हिस्सों को हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित करने का प्रावधान किया गया था। ये क्षेत्र तत्कालीन कांगड़ा जिले में शामिल किए गए।

ऊना जिला प्रशासन भी स्पष्ट करता है कि 1 नवंबर 1966 तक वर्तमान ऊना क्षेत्र पंजाब के होशियारपुर जिले की एक तहसील था। 1966 के बाद यह कांगड़ा जिले का हिस्सा रहा और 1 सितंबर 1972 को अलग ऊना जिला बना।

इसलिए आज के ऊना जिले का इतिहास समझने के लिए दो तारीखें बहुत महत्वपूर्ण हैं:

1 नवंबर 1966 — ऊना क्षेत्र हिमाचल में आया

1 सितंबर 1972 — ऊना अलग जिला बना


गुरदासपुर के कुछ क्षेत्र भी हिमाचल में आए

1966 के पुनर्गठन की एक कम चर्चित बात यह है कि तत्कालीन गुरदासपुर जिले के कुछ सीमावर्ती क्षेत्र भी हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित किए गए।

Punjab Reorganisation Act, 1966 की धारा 5 के अनुसार Pathankot तहसील के Dhar Kalan Kanungo Circle के अधिनियम में निर्दिष्ट क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में शामिल किए गए।

हिमाचल प्रदेश विधान सभा के आधिकारिक अभिलेख में भी गुरदासपुर जिले के Dalhousie और Bakloh क्षेत्रों का उल्लेख मिलता है।

इसलिए 1966 का क्षेत्रीय पुनर्गठन केवल बड़े जिलों के हस्तांतरण की कहानी नहीं था, बल्कि सीमावर्ती छोटे-छोटे प्रशासनिक क्षेत्रों का भी इसमें योगदान था।


1966 में हिमाचल का क्षेत्र लगभग दोगुना हो गया

1966 के पुनर्गठन का हिमाचल प्रदेश पर बहुत बड़ा भौगोलिक प्रभाव पड़ा।

हिमाचल प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पुनर्गठन से पहले हिमाचल का क्षेत्र लगभग 27,000 वर्ग किलोमीटर था।

1 नवंबर 1966 के बाद इसका क्षेत्र बढ़कर लगभग 55,673 वर्ग किलोमीटर हो गया।

1961 की जनगणना के आधार पर राज्य की आबादी भी लगभग 28.12 लाख दर्ज की गई।

यानी 1966 में हिमाचल के भूगोल में इतना बड़ा परिवर्तन हुआ कि राज्य का क्षेत्र लगभग दोगुने आकार का हो गया।


1966 के बाद हिमाचल में कितने जिले थे?

1966 के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश में कुल 10 जिले थे।

ये जिले थे:

  1. बिलासपुर
  2. चंबा
  3. कांगड़ा
  4. किन्नौर
  5. कुल्लू
  6. लाहौल एवं स्पीति
  7. महासू
  8. मंडी
  9. शिमला
  10. सिरमौर

हिमाचल प्रदेश सरकार के आधिकारिक दस्तावेज में भी 1966 के बाद इन्हीं दस जिलों का उल्लेख मिलता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ऊना और हमीरपुर उस समय जिले नहीं थे। वे कांगड़ा जिले के हिस्से थे।


1972 में फिर बदला हिमाचल का प्रशासनिक नक्शा

1966 के बाद हिमाचल का प्रशासनिक पुनर्गठन यहीं समाप्त नहीं हुआ।

1 सितंबर 1972 को हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर जिला पुनर्गठन किया गया।

तत्कालीन कांगड़ा जिले को पुनर्गठित करके—

  • कांगड़ा
  • हमीरपुर
  • ऊना

तीन जिले बनाए गए।

इसी समय पुराने महासू जिले का पुनर्गठन हुआ और सोलन जिला अस्तित्व में आया।

इसलिए हिमाचल के वर्तमान 12 जिलों की प्रशासनिक संरचना को समझने में 1966 और 1972 दोनों वर्ष बेहद महत्वपूर्ण हैं।


1966 में हिमाचल में जुड़े क्षेत्रों को एक नजर में समझें

🏔️ सीधे जुड़े प्रमुख जिले

कांगड़ा
कुल्लू
शिमला
लाहौल एवं स्पीति

📍 जुड़े अन्य क्षेत्र

नालागढ़ तहसील — अंबाला जिला

ऊना तहसील के निर्धारित क्षेत्र — होशियारपुर जिला

धार कलां क्षेत्र के निर्धारित हिस्से — गुरदासपुर जिला

इन सभी का स्थानांतरण 1 नवंबर 1966 से प्रभावी हुआ।


1966 और 1972 में क्या अंतर था?

यह अंतर अक्सर भ्रम पैदा करता है।

वर्षप्रमुख घटना
1966पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र और कुछ अन्य क्षेत्र हिमाचल में शामिल हुए
1966कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और लाहौल-स्पीति हिमाचल का हिस्सा बने
1966नालागढ़, ऊना के निर्धारित क्षेत्र और गुरदासपुर के निर्धारित सीमावर्ती क्षेत्र भी जुड़े
1971हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला
1972ऊना और हमीरपुर अलग जिले बने
1972सोलन जिला अस्तित्व में आया

इसलिए यह कहना कि “ऊना जिला 1966 में बना” सही नहीं है।

सही बात यह है कि ऊना क्षेत्र 1966 में हिमाचल में आया और 1972 में अलग जिला बना।

इसी तरह हमीरपुर क्षेत्र 1966 में हिमाचल में आया, लेकिन हमीरपुर जिला 1972 में बना।


1966 का हिमाचल के इतिहास में महत्व

1966 का वर्ष हिमाचल प्रदेश के इतिहास में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने राज्य के भौगोलिक स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया।

इससे पहले हिमाचल मुख्य रूप से उन पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित था जो 1948 के बाद बने हिमाचल और बाद के बिलासपुर तथा किन्नौर जैसे प्रशासनिक परिवर्तनों से जुड़े थे।

1 नवंबर 1966 के बाद हिमाचल का विस्तार पश्चिम और दक्षिण की ओर हुआ और कांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति तथा शिमला जैसे क्षेत्रों के साथ कई अन्य पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्र भी इसमें शामिल हुए।

इसके बाद केवल कुछ वर्षों में हिमाचल ने एक और बड़ा परिवर्तन देखा—

25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश भारत का पूर्ण राज्य बना।

इस तरह 1966 का क्षेत्रीय विस्तार हिमाचल के पूर्ण राज्य बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पड़ाव था।


निष्कर्ष

1966 में हिमाचल प्रदेश में कौन-कौन से क्षेत्र जुड़े थे?

इसका संक्षिप्त उत्तर है—

🏔️ कांगड़ा जिला
🏔️ कुल्लू जिला
🏔️ शिमला जिला
🏔️ लाहौल एवं स्पीति जिला
📍 नालागढ़ तहसील
📍 ऊना तहसील के निर्धारित क्षेत्र
📍 गुरदासपुर के धार कलां क्षेत्र के निर्धारित हिस्से

इनका हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरण 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन के बाद हुआ।

इसके बाद 1972 में फिर प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव हुआ और ऊना, हमीरपुर तथा सोलन जैसे नए जिले अस्तित्व में आए।

इसलिए आज के हिमाचल प्रदेश के नक्शे को समझने के लिए दो वर्ष विशेष रूप से याद रखने चाहिए—

1966 — हिमाचल का बड़ा भौगोलिक विस्तार

1972 — जिलों का बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन

यही दोनों चरण आधुनिक हिमाचल प्रदेश के वर्तमान प्रशासनिक स्वरूप को समझने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।


📌 महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में

📅 तारीख: 1 नवंबर 1966
📜 कानून: Punjab Reorganisation Act, 1966
🏔️ प्रमुख जुड़े जिले: कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और लाहौल-स्पीति
📍 अन्य जुड़े क्षेत्र: नालागढ़ तहसील, ऊना तहसील के निर्धारित क्षेत्र और गुरदासपुर के धार कलां क्षेत्र के निर्धारित हिस्से
📐 1966 के बाद क्षेत्रफल: लगभग 55,673 वर्ग किमी
🏛️ 1966 के बाद जिले: 10
📅 बाद का बड़ा पुनर्गठन: 1 सितंबर 1972
🏔️ पूर्ण राज्य का दर्जा: 25 जनवरी 1971

📚 प्रमुख स्रोत

  • Punjab Reorganisation Act, 1966 — India Code
  • हिमाचल प्रदेश विधान सभा — Archives
  • हिमाचल प्रदेश सरकार — Department of Revenue
  • हिमाचल प्रदेश सरकार — State History
  • जिला कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और कुल्लू की आधिकारिक वेबसाइटें
  • Census of India
Rakesh Kumar

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