Himachal Pradesh Patwari Solved Previous Question Answer 2015 (Hindi Section)
HP Patwari Exam Previous Question Paper with Answers 2015 Section-II: हिन्दी 2015
इस पोस्ट में हिमाचल प्रदेश में होने वाली पटवारी परीक्षा में आने वाले हिंदी के प्रश्न उत्तर 26 से 50 दिए गए हैं जो 2015 में पूछे गए थे इस पोस्ट HP Previous Question Paper with Answer 2015 के माध्यम से हम जो भी प्रश्न दिए हैं उसका Answer और उससे Related और Explanation दे रहे हैं। अगर और कोई प्रश्न आता है तो उसका हल आसानी से किया जा सके।
(2015 में ये प्रश्न पोछे गए थे हिंदी Section में ये Explanation करके दिए गए हैं अगर Exam में पूछे जाते हैं तो
इस किस्म के प्रश्न पूछे जाते हैं तो कोई Concept नहीं छूटेगा।
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║ HP PATWARI EXAM ║
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║ Solved Previous ║
║ Question / Answer ║
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║ 2015 ║
║ Section Hindi ║
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HP Patwari Exam Previous Question Paper with Answer 2015 Section Hindi (26 and 27 वर्ण विचार,स्वर और व्यंजन)
26. ‘क’ वर्ण उच्चारण की दृष्टि से क्या है?
- A.ओष्ठ
- B. कण्ठ्य
- C. दन्त्य
- D. तालु
Explanation:-
A. उच्चारण की दृष्टि से हिंदी में उच्चारण स्थान :
- कण्ठ (Gala): अ, आ,( क, ख, ग, घ, ङ) कवर्ग ह, विसर्ग।
- तालु (Palate): इ, ई, (च, छ, ज, झ, ञ) चवर्ग य, श।
- मूर्धा (Roof of mouth): ऋ, (ट, ठ, ड, ढ, ण) टवर्ग , र, ष।
- दन्त (Teeth): त, थ, द, ध, न, (तवर्ग) ल, स।
- ओष्ठ (Lips): उ, ऊ, (प, फ, ब, भ, म) पवर्ग
- नासिका (Nose): ङ्, ञ्, ण्, न्, म् (पंचमाक्षर)।
B. संयुक्त उच्चारण स्थान
(Compound
Locations)
- कण्ठ-तालु: ए, ऐ (अ/आ + इ/ई)।
- कण्ठ-ओष्ठ: ओ, औ (अ/आ + उ/ऊ)।
- दन्त-ओष्ठ: व (दन्तोष्ठ्य)।
27 . हिन्दी वर्ण माला में व्यंजनों की संख्या है?
- A. 32
- B. 34
- C. 36
- D. 33
ANSWER: D
Explanation:- हिन्दी वर्णमाला में व्यंजनों (Consonants) की संख्या सामान्यतः 33 मानी जाती है। इसके अलावा कुछ संयुक्त व्यंजन
भी होते हैं जैसे: क्ष, त्र, ज्ञ (इन्हें कभी-कभी अलग से गिना जाता है) ।
हिंदी के 33 मुख्य व्यंजन (Vyanjan):
- क-वर्ग: क, ख, ग, घ, ङ
- च-वर्ग: च, छ, ज, झ, ञ
- ट-वर्ग: ट, ठ, ड, ढ, ण
- त-वर्ग: त, थ, द, ध, न
- प-वर्ग: प, फ, ब, भ, म
- अंतस्थ व्यंजन: य, र, ल, व
- ऊष्म व्यंजन: श, ष, स, ह
महत्वपूर्ण जानकारी:
- इन्हें हिंदी व्याकरण में 11 स्वरों (अ-औ) के साथ 'मूल वर्ण' माना जाता है।
- क्ष, त्र, ज्ञ, श्र (संयुक्त) और ड़, ढ़ (द्विगुण) को इन 33 मूल व्यंजनों में नहीं गिना जाता है।
2015 में नीचे दिया गया प्रश्न दिया गया था। इस प्रश्न के जरिये हम समास के बारे में पूरी जानकारी जानने की कोशिश करेंगे।
28. ‘रात-दिन’ में कौन-सा समास है? HP Previous Question Paper with Answer 2015 concept – समास, with Explanation)
- A. द्वन्द्व
- B. द्विगु
- C. कर्मधारय
- D. अव्ययीभाव
ANSWER: A
Explanation :- समास के प्रकार और उदाहरण
संक्षेप में
·
समास पहचान
·
अव्ययीभाव पहला पद अव्यय
·
तत्पुरुष दूसरा पद प्रधान
·
द्वंद्व दोनों समान
·
द्विगु संख्या प्रधान
·
बहुव्रीहि अर्थ किसी तीसरे पर
·
कर्मधारय विशेषण + संज्ञा
हिंदी व्याकरण में समास का अर्थ है—दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक नया संक्षिप्त शब्द बनाना। समास के मुख्य 6 प्रकार होते हैं।
- अव्ययीभाव समास :- जिसमें पहला पद अव्यय (अपरिवर्तनीय) होता है और पूरा समास अव्यय की तरह काम करता है। Example- यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार
- तत्पुरुष समास :- इसमें दूसरा पद (उत्तर पद) प्रधान होता है और पहले पद के साथ कारक का संबंध होता है। उदाहरण -- राजपुत्र = राजा का पुत्र, देवालय = देव का आलय (मंदिर)
- कर्मधारय समास:- इसमें दोनों पदों में विशेषण–विशेष्य का संबंध होता है (पहला पद दूसरे की विशेषता बताता है)। उदाहरण: नीलकमल = नीला कमल, महापुरुष = महान पुरुष
- द्वंद्व समास :-इसमें दोनों पद समान महत्व रखते हैं और अर्थ “और” के रूप में होता है। उदाहरण: माता-पिता = माता और पिता, राम-लक्ष्मण = राम और लक्ष्मण
- बहुव्रीहि समास :-इसमें समास का अर्थ न तो पहले पद से होता है और न दूसरे से, बल्कि किसी तीसरे (बाहरी) व्यक्ति/वस्तु को दर्शाता है। उदाहरण: दशानन = दस मुख वाला (रावण), चतुर्भुज = चार भुजाओं वाला
- द्विगु समास :- इसमें पहला पद संख्या होता है और पूरा समास समूह/समुदाय का बोध कराता है। उदाहरण: त्रिलोक = तीन लोकों का समूह, चतुर्वेद = चार वेदों का समूह
HP Previous Question Paper
Questions with Answers 2015 (प्रश्न 29 ) तत्सम
और तत्भव शब्द
29. नीचे दिए गए विकल्पों में से ‘तत्सम’ शब्द का चयन कीजिए:
- A. छेद
- B. डण्डा
- C. विवाद
- D. सींग
ANSWER: C
Solution :- तत्सम शब्द क्या होते हैं?
वे शब्द जो सीधे
संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के हिन्दी में आए हों, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
जैसे: अग्नि, सूर्य, चंद्र,
विद्या, उज्ज्वल,
चमकदार, तेजस्वी, सहारा,
आधार etc.
तद्भव शब्द क्या होते हैं?
वे शब्द जो संस्कृत से ही निकले हैं, लेकिन समय के साथ उनका रूप बदल गया हो, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं। जैसे: आग (अग्नि से), सूरज (सूर्य से), चाँद (चंद्र से)
तत्सम और तद्भव में
अंतर
- आधार तत्सम शब्द तद्भव शब्द
- स्रोत सीधे संस्कृत से संस्कृत से परिवर्तित होकर
- रूप मूल रूप में बदला हुआ रूप
- भाषा शुद्ध, साहित्यिक बोलचाल की भाषा में अधिक
- उदाहरण अग्नि, सूर्य आग, सूरज
तत्सम शब्दों की सूची
अग्नि, सूर्य, चंद्र,
विद्या, माता, पिता, नेत्र,
मुख, नयन, जल, वायु, पृथ्वी,
कर्ण, हस्त, दंत
तद्भव शब्दों की सूची (Exam Point of veiw)
आग (अग्नि),सूरज (सूर्य),चाँद (चंद्र),विद्या → पढ़ाई (अर्थ बदलकर प्रयोग),माँ (माता), बाप (पिता), आँख (नेत्र/नयन),मुँह (मुख),पानी (जल), हवा (वायु), धरती (पृथ्वी), कान (कर्ण),हाथ (हस्त), दाँत (दंत)
HP Patwari Exam Previous Question Paper Questions with Answers 2015 (प्रश्न 30 ) संधि विच्छेद
30. ‘सज्जन’ का सन्धि-विच्छेद क्या है?
- A. सज + जन
- B. सत्+ जन
- C. सज्ज + न
- D. स + ज्जन
ANSWER: B
Explanation:-
स्वर संधि
मुख्यतः 4 प्रकार की होती है:
1. दीर्घ संधि
जब एक ही स्वर के
दो अक्षर मिलते हैं, तो वे मिलकर दीर्घ (लंबा) स्वर बनाते हैं।
नियम:
- अ + अ = आ
- इ + इ = ई
- उ + उ = ऊ
उदाहरण:
- राम + अवतार = रामावतार
- विद्या + आलय = विद्यालय
- गुरु + उपदेश = गुरूपदेश
2. गुण संधि
जब अ/आ + इ/ई या
उ/ऊ मिलते हैं, तो वे ए या ओ बन जाते हैं।
नियम:
· अ/आ + इ/ई = ए
· अ/आ + उ/ऊ = ओ
उदाहरण:
·
देव + इन्द्र = देवेन्द्र
·
राम + उन्मुख = रामोन्मुख
·
महा + इन्द्र = महेंद्र
3. वृद्धि संधि
जब अ/आ + ए/ऐ या
ओ/औ मिलते हैं, तो वे ऐ या औ बन जाते हैं।
नियम:
·
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
·
अ/आ + ओ/औ = औ
उदाहरण:
·
राजा + एक = राजैक
·
महा + ओज = महौज
· प्रजा + ऐश्वर्य = प्रजैश्वर्य
4. यण संधि
जब इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई
दूसरा स्वर आता है, तो वे य, व, र में बदल जाते हैं।
नियम:
·
इ/ई → य
·
उ/ऊ → व
·
ऋ → र
उदाहरण:
- यदि + अपि = यद्यपि
- गुरु + आदेश = गुरवादेश
- ऋषि + आश्रम = ऋष्याश्रम
नीछे दिए गए प्रश्न 31 और 32 में दो Option दुए हैं इनमें कौन सा गलत है।
31.राम ने अपनी (A) / गलती के लिए (B)/ क्षमा (C) / की भीख मांगी (D).
ANSWER: D
32. धनवान को व्यर्थ (A)/ वेकार में (B)/ सहायता देकर (C) / कोई लाभ न होगा (D).
ANSWER: B
33. निम्नलिखित में से कौन छायावादी कवि हैं?
- A. तुलसीदास
- B. नागार्जुन
- C. सुमित्रानंदन पंत
- D. भारत भूषण अग्रवाल
सही उत्तर है: C. सुमित्रानंदन पंत
व्याख्या: सुमित्रानंदन पंत छायावाद के प्रमुख कवियों में से एक थे। छायावाद के चार प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं:
·
जयशंकर प्रसाद
·
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
·
महादेवी वर्मा
·
सुमित्रानंदन पंत
अन्य विकल्प:
·
तुलसीदास → भक्तिकाल के कवि
·
नागार्जुन → प्रगतिवादी/आधुनिक कवि
·
भारत भूषण अग्रवाल → प्रयोगवाद/नई कविता से जुड़े
2. प्रगतिवाद (Pragativad): यह सामाजिक यथार्थ, गरीबी, शोषण और क्रांति की बात करता है।
मुख्य कवि:
- नागार्जुन
- त्रिलोचनरा
- मधारी सिंह दिनकर
- केदारनाथ अग्रवाल
3. प्रयोगवाद (Prayogvad) :-इसमें नई शैली, नए प्रयोग और आधुनिक विचार दिखते हैं।
मुख्य कवि:
- अज्ञेय
- गजानन माधव मुक्तिबोध
- शमशेर बहादुर सिंह
भक्ति काल (Bhakti Kaal)
इसमें भगवान के प्रति भक्ति और आध्यात्मिक भाव होते हैं।
मुख्य कवि:
·
कबीर
·
सूरदास
·
तुलसीदास
·
मीरा बाई
34. “खूब लड़ी मरदानी वह तो झांसी वाली रानी थी”
में‘मरदानी’ शब्द का अर्थ है .
- A. वीरांगना
- B. पुरुषों जैसी
- C. पुरुषत्ववान
- D. लड़ाकू
ANSWER: C
निर्देश (प्रश्न सं. 35 व 36 ) : नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों कीवर्तनी के लिए चार-चार विकल्प दिए गए हैं,इनमें से शब्द की शुद्ध वर्तनी चुनिए ।
35. चारों ओर उज्ज्वल चाँदनी
फैली थी
A. उज्वल
B. उज्ज्वल
C. उज्जवल
D. उजज्वल
ANSWER: B
36. हम जान्तांत्रिक पद्धति में विश्वास करते
हैं
A. जानतांत्रिक
B. जनतांत्रिक
C. जनतांत्रीक
D. जनतंत्रिक
ANSWER: B
37. कौन-सा वाक्य शुद्ध है?
A. वाह! कितना सुन्दर दृश्य है?
B. वाह;
कितना सुन्दर दृश्य है!
C. वाह,
कितना सुन्दर दृश्य है!
D. वाह ! कितना सुन्दर दृश्य है!
ANSWER: D
38. “कालाघोड़ा”
में कौन-सा विशेषण है?
A. गुणवाचक
B. संख्यावाचक
C. परिमाणवाचक
D. सार्वनामिक
ANSWER: A
Explanation:- काला घोडा गुणवाचक विशेषण इसलिए है क्योंकि यह
घोड़े की विशेषता बताता है इसलिए यह गुणवाचक विशेषण है विशेषण की संक्षिप्त में
जानकारी
संज्ञा या सर्वनाम की
विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। इसके प्रमुख चार भेद होते हैं:
गुणवाचक विशेषण, संख्यावाचक विशेषण और परिमाणवाचक विशेषण।
गुणवाचक विशेषण: जो
शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार आदि का बोध कराते हैं। जैसे—अच्छा, बुरा, काला, लंबा।
संख्यावाचक विशेषण: जो
शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं। जैसे—चार लड़के, दस आम।
परिमाणवाचक विशेषण: जो
शब्द वस्तु के माप, तोल या मात्रा का बोध कराते हैं। जैसे—दो किलो चीनी, थोड़ा दूध।
सार्वनामिक विशेषण: जो सर्वनाम शब्द संज्ञा से पहले लगकर उसकी विशेषता बताते हैं। जैसे—यह घर मेरा है।
39. “हम दिल्ली गए और वहां चार दिन वाक्य है?
- A. संयुक्त वाक्य
- B. सरल वाक्य
- C. मिश्र वाक्य
- D. उपयुक्त वाक्य
ANSWER: A
निर्देश (प्रश्न सं. 40 से 42 ) : निम्नलिखित प्रश्नों में प्रत्येक मुहावरे केलिए चार विकल्प दिए गए हैं, इनमें से एक उचित विकल्प का चयन कीजिए। HP Patwari Exam Previous Question with Answer 2015 40 to 50
40. पाँव में शनीचर होना
- A. दुर्घटना होना
- B. एक स्थान पर स्थिर न रहना
- C. दुःख सहना
- D. कष्ट में आना
ANSWER: B
41. बालू की भीत
- A. निस्सार वस्तु
- B. रेगिस्तानी इलाका
- C. शीघ्र नष्ट होनेवालीवस्तु
- D. इनमेंसेकोई नहीं
ANSWER: C
42. खग जाने खग की भाषा
- A. चालाक ही चालाक की भाषा समझता है.
- B. बिल्कुल अनपढ़ होना
- C. असंगत वस्तुओं का मेल बिठाना
- D. धीमी स्वर से बातों को समझना
ANSWER: A
2015 में प्रश्न 43 पर्यायवाची शब्द पूछे
गए थे नीचे कुछ पर्याय वाची शब्द भी दिए हैं जा 2026 में पूछे जा सकते हैं।
43. ” भागीरथी” का पर्यायवाची शब्द है?
- A. सरिता
- B. गंगा
- C. यमुना
- D. निर्झरिणी
ANSWER: B
20 जरूरी पर्यायवाची शब्द
- अग्नि: आग, अनल, पावक, ज्वाला
- जल: पानी, नीर, तोय, सलिल
- सूर्य: रवि, भानु, दिनकर, आदित्य
- आकाश: गगन, नभ, व्योम, अम्बर
- आँख: नयन, नेत्र, लोचन, चक्षु
- इंद्र: देवराज, सुरेश, पुरंदर, शक्र
- कमल: पंकज, जलज, सरोज, अरविंद
- घोड़ा: अश्व, तुरग, हय, घोटक
- धरती: पृथ्वी, धरा, भूमि,
- रात: रात्रि, निशा, रजनी, विभावरी
- पहाड़: पर्वत, शैल, गिरि, भूधर
- बिजली: चपला, चंचला, दामिनी, तड़ित
- मित्र: दोस्त, सखा, सहचर, मीत
44. “ज्येष्ठ” का विलोम शब्द है
- A. कनिष्ठ
- B. पूर्व
- C. भूत
- D. अग्रज
ANSWER: A
कठिन या प्रतियोगी परीक्षाओं के विलोम शब्द
प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, State PCS, RO/ARO, TET) में अक्सर पूछे जाने वाले 25 सबसे महत्वपूर्ण और कठिन विलोम शब्द की सूची नीचे दी गई है
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विलोम शब्द
- · स्थावर – जंगम (यह परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछा जाता है)
- · अर्वाचीन – प्राचीन
- · ऋजु – वक्र
- · उत्कर्ष – अपकर्ष
- · कृतज्ञ – कृतघ्न
- · अल्पज्ञ – सर्वज्ञ
- · अभिज्ञ – अनभिज्ञ
- · व्यष्टि – समष्टि
- · आलोक – तम (अंधकार)
- · अकिंचन – धनवान
- · अधम – उत्तम
- · अनुराग – विराग
- · अतिवृष्टि – अनावृष्टि
- · पाश्चात्य – पौर्वात्य (या पौरस्त्य)
- · मुख्य – गौण
- · निशीथ – मध्याह्न
- · संकीर्ण – विस्तीर्ण
- · कृत्रिम – नैसर्गिक (प्राकृतिक)
- · उन्मीलन – निमीलन
- · तिशिर – प्रकाश
- · गरिमा – लघिमा
- · शाश्वत – क्षणिक
- · सदाचार – दुराचार
45. सही विकल्प चुनिए – ” जिसकी गर्दन सुन्दर हो”
- A. सुदर्शन
- B. सुगत
- C. गर्द
- D. सुग्रीव
46. चुनाव क्षेत्रों का समय-समय पर ….. किया जाता है।
- A. परीक्षण
- B. परिगमन
- C. परिसीमन (delimitation)
- D. परिमापन
ANSWER: C
- परिसीमन (Delimitation) किसी देश या प्रांत में विधायी निकाय (जैसे लोकसभा या विधानसभा) वाले क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं तय करने या उन्हें फिर से बनाने की प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी चुनावी क्षेत्रों में जनसंख्या का संतुलन बनाए रखना होता है, ताकि हर नागरिक का वोट समान रूप से महत्वपूर्ण रहे।
47. धैर्यवान व्यक्ति विपत्ति
से भी……नहीं होता है।
- A. अधीर
- B. दु:खी
- C. चलायमान
- D. विचलित
ANSWER: D
- A. उपलब्धता
- B. उत्पादकता
- C. पवित्रता
- D. गरिमा
- ANSWER: B
- 49. योग साधना में….. और शाकाहार का विशेष महत्व है।
- A. अल्पहार
- B. फलाहार
- C. मिताहार
- D. आहार
- A. दर्शन
- B. संगीत
- C. साहित्यिक
- D. चित्रकला
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