हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील (कृत्रिम) झील | Largest man made Lake of Himachal Pradesh

 हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़ी मानव निर्मित झील (कृत्रिम) झील:-

हिमाचल की परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी कृत्रिम अर्थात मनुष्य द्वारा निर्मित झील कौन सी है। तो हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़ी कृत्रिम झील गोविन्द सागर झील है जो हिमाचल प्रदेश  बिलासपुर जिले में स्थित है। यह झील सतलुज नदी पर स्थित है। सतलुज नदी पर स्थित गोविन्द सागर झील हिमाचल प्रदेश की ही नहीं बल्कि भारत की सबसे बड़ी झीलों में से एक है। 



गोबिंद सागर झील के बारे में अन्य जानकारी :-

  • स्थान और निर्माण :- यह झील भारत के हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है। इस झील का निर्माण कुदरती आपदा या फिर पौराणिक काल से नहीं बल्कि भारत के योग्य और प्रभाशाली लोगों द्वारा भाखड़ा बांध बंनाने के बाद हुआ है। यह झील हिमाचल प्रदेश की सबसे लंबी नदी सतलुज नदी पर बनी हुई है।
  • झील का नामकरण :- गोविन्द सागर झील के नाम से ये जानकारी तो प्राप्त होती है कि इस झील का नाम किसी महापुरष दिग्गज देश भगत के नाम पर रखा गया है। तो इस झील का नामकरण अर्थात नाम सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविन्द सिंह जी के नाम पर रखा गया है। इसका कारण यह है कि भारत की आजादी से पहले ये धरती सिखों की पवित्र और बलिदान की भूमि रही है।  इस झील के आस पास कुछ दूरियों में गरुद्वारा साहिब का निर्माण भी किया गया है। ये ही कारण है कि इस झील का नाम भाखड़ा के नाम से नहीं ज्यादातर गोविन्द सागर के नाम से जाना जाता है। 

  • झील का कृत्रिम निर्माण और आकार:- भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से गोविन्द सागर के निर्माण सन 1955 में शुरू किया गया था यह भाखड़ा बांध पर बनी हुई है इसलिए इस झील का निर्माण 1955 से लेकर 1962 के बीच हुआ है।  का निर्माण अमेरिकी इंजीनियर हार्वे स्लोकम ने अपनी देख रेख में करवाया था और इसे पूरा करके 20 नवंबर,1963 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री ज.लाल नेहरू को समर्पित किया था। 

इस झील की लंबाई लगभग 90 किलोमीटर या 56 मील है और यह झील लगभग 170 वर्ग किलोमीटर के बड़े एक बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। अगर इसकी गहराई की बात करें, तो इस झील की अधिकतम गहराई 163.07 मीटर या 535 फीट है। वहीं, इस झील के बाद जो भाखड़ा बांध का निर्माण हुआ हुआ है वह नींव (foundations) से 225.5 मीटर या 740 फीट की ऊंचाई पर खड़ा किया गया है। 

बिलासपुर के अतिरिक्त ऊना जिले में इस झील का अस्तित्व:- मानव निर्मित गोबिंद सागर झील केवल हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में ही नहीं बल्कि ऊना जिले में भी फैली हुई है। ये झील ऊना के लठियानी (Lathiani) और मंदली (Mandali) क्षेत्र में लगभग 56 किलोमीटर 90 KM के क्षेत्रफल में फैली हुई है। 

आधुनिक बिलासपुर का निर्माण इस झील के निर्माण के बाद हुआ :- जब भी मानव धरती के किसी भी हिस्से खनन करता है तो उसके दुष्परणाम भी सामने आते है यही कारण है कि इस झील के निर्माण के बाद पुराना बिलासपुर शहर पूरी तरह से पानी में जलमगन हो गया था और नए बिलासपुर का निर्माण पहाड़ी पर दुबारा से करना पड़ा था। 

निष्कर्ष:- निष्कर्ष में ये ही कहा जा सकता है कि गोबिंद सागर झील का निर्माण मानव ने किया है और यह हिमाचल प्रदेश की सबसे कृत्रिम झील है जिसका निर्माण सतलुज नदी पर हुआ है जो हिमाचल प्रदेश की सबसे लंबी नदी है। 

Rakesh Kumar

नमस्ते, मैं राकेश कुमार हूँ। शिक्षा और सामान्य ज्ञान के क्षेत्र में मेरी गहरी रुचि है। इसी उद्देश्य से मैंने Gkpustak की शुरुआत की, ताकि विद्यार्थियों को एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म मिल सके जहाँ वे अपनी तैयारी को बेहतर बना सकें।

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