हिमाचल प्रदेश में कुछ महत्वपूर्ण झीलें पाई जाती है जिसके बारे में हिमाचल प्रदेश में होने वाली परीक्षाओं जैसे HPPSC, HP Patwari, HP Police, JOA IT और अन्य हिमाचल सामान्य ज्ञान परीक्षाओं में पूछा जाता है। एक प्रश्न यह भी पूछा जा सकता है हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील कौन सी है ? या कहां स्थित या किस जिले में स्थित है इसके कोई भी एक प्रश्न पूछा है आइये इसके बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।
हिमाचल की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील - हिमाचल जीके नोट्स
रेणुका झील --सामान्य ज्ञान की जानकारी
- स्थान: रेणुका झील, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश
- समुद्र तल से ऊँचाई: लगभग 672 मीटर
- विशेषता: हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील
पौराणिक महत्व:-
- पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि जमदग्नि और उनकी पत्नी माता रेणुका 'तपे का टिल्ला' नामक स्थान पर तपस्या करते थे।
- उनके पास दिव्य कामधेनु गाय थी।
- हैहयवंशी राजा सहस्रार्जुन (सहस्त्रबाहु) ने कामधेनु को प्राप्त करने के उद्देश्य से महर्षि जमदग्नि की हत्या कर दी।
- पति की मृत्यु के बाद माता रेणुका ने राम सरोवर (रेणुका झील) में जल समाधि ले ली।
- उनके पुत्र भगवान परशुराम ने सहस्रार्जुन का वध कर अपनी योग शक्ति से माता-पिता को पुनर्जीवित किया।
- मान्यता है कि माता रेणुका आज भी झील में निवास करती हैं।
रेणुका मेला:-
- प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की देवोत्थान (देवउठनी) एकादशी पर माता रेणुका और भगवान परशुराम के मिलन का प्रतीकात्मक आयोजन होता है।
- इस अवसर पर झील के तट पर 5 दिवसीय राज्य स्तरीय रेणुका मेला आयोजित किया जाता है।
- यह हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेलों में से एक है।
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य:-
- ✔ हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील – रेणुका झील
- ✔ जिला – सिरमौर
- ✔ माता रेणुका के पुत्र – भगवान परशुराम
- ✔ संबंधित ऋषि – महर्षि जमदग्नि
- ✔ प्रसिद्ध मेला – रेणुका राज्य स्तरीय मेला
- ✔ आयोजन – देवउठनी एकादशी (कार्तिक मास)
हिमाचल की सबसे बड़ी प्राकृतिक रेणुका झील झील एक पंक्ति में:
विस्तार से जानकारी:-
हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील-रेणुका झील :-
हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील:- हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील रेणुका झील है जो हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। जहां गोबिंद सागर झील हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है वहीं रेणुका झील का निर्माण प्राकृतिक या पौराणिक कथाओं के कारण होता अर्थात प्राकृतिक कारणों से हुआ है मानव इसके निर्माण के लिए कोई सहयोग नहीं है और यह हिमाचल की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:-
कैसे बनी है रेणुका झील ( एक पौराणिक कथा और कहानी):--प्राचीन मान्यताओं के अनुसार महर्षि जमदग्नि और उनकी धर्मपत्नी माता रेणुका 'तपे का टिल्ला' नामक स्थान पर कठोर तपस्या किया करते थे। उनके आश्रम में दिव्य शक्तियों से युक्त कामधेनु गाय थी, जो सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली मानी जाती थी। हैहयवंशी राजा सहस्रार्जुन (सहस्त्रबाहु) इस गाय को प्राप्त करना चाहता था। इसी लालसा में उसने महर्षि जमदग्नि का वध कर दिया।
पति की मृत्यु से दुखी माता रेणुका ने अपनी मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए राम सरोवर में प्रवेश कर जल समाधि ले ली। जब भगवान परशुराम को इस घटना का पता चला, तो उन्होंने सहस्रार्जुन का वध कर अपने माता-पिता का प्रतिशोध लिया। इसके बाद अपनी तपस्या और योग शक्ति के प्रभाव से उन्होंने माता रेणुका और महर्षि जमदग्नि को पुनः जीवित कर दिया।
लोकमान्यता है कि माता रेणुका आज भी रेणुका झील के पवित्र जल में निवास करती हैं। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की देवोत्थान एकादशी के अवसर पर वे अपने पुत्र भगवान परशुराम से मिलने के लिए जल से बाहर आती हैं। इस पावन मिलन की स्मृति में रेणुका झील के तट पर प्रतिवर्ष भव्य पाँच दिवसीय राज्य स्तरीय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेकर माता रेणुका और भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आकार और स्थिति:-रेणुका झील की समुंद्र तल से ऊंचाई लगभग 672 मीटर (2204.72) है। इस झील की परिधि लगभग 3214 मीटर या फिर 10544.62 फिट है। अगर हम इसको अगर हम इसे हवाई जहाज से देखें तो इसका आकार एक सोई हुई महिला जैसा लगता है जो प्रकति की देन है।
निष्कर्ष:- विशेष बात यह है कि हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी अनेक ऐसी झीलें मौजूद हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कुछ झीलें तो ऐसी हैं जिन्हें अभी तक व्यापक पहचान नहीं मिल पाई है। प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और रोमांच से भरपूर ये झीलें हिमाचल प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं और राज्य को प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण बनाती हैं। रेणुका झील इन्ही झीलों में से एक प्राकृतिक झील हैं जो हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़ी है।