1972 के बाद हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रफल और नक्शे में क्या बदला? | GK Pustak

1972 के बाद हिमाचल प्रदेश का प्रशासनिक नक्शा और जिले

हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में 1 सितंबर 1972 का विशेष महत्व है। इस दिन राज्य के जिलों का पुनर्गठन किया गया और हिमाचल प्रदेश में जिलों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई।

1972 के बाद हिमाचल प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। राज्य का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर ही रहा। हालांकि, प्रशासनिक दृष्टि से जिलों की सीमाओं और प्रशासनिक इकाइयों का विकास आगे भी होता रहा।

1972 में हिमाचल प्रदेश के नक्शे में क्या बदलाव हुआ?

1 सितंबर 1972 को जिलों का पुनर्गठन किया गया।

कांगड़ा जिले का विभाजन

तत्कालीन कांगड़ा जिले का पुनर्गठन करके हमीरपुर और ऊना को अलग जिले बनाए गए।

इससे कांगड़ा से संबंधित प्रशासनिक क्षेत्र तीन जिलों में विभाजित हो गए—

  • कांगड़ा
  • हमीरपुर
  • ऊना

हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुसार हमीरपुर और ऊना जिलों का गठन कांगड़ा जिले के त्रिफर्केशन के परिणामस्वरूप हुआ।

महासू और शिमला क्षेत्र का पुनर्गठन

1972 में तत्कालीन महासू और शिमला जिलों की सीमाओं का पुनर्गठन किया गया।

इसके परिणामस्वरूप—

  • महासू जिले का अस्तित्व समाप्त।
  • पुनर्गठित शिमला जिला अस्तित्व में आया।
  • सोलन को अलग जिला बनाया गया।

शिमला जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान स्वरूप वाला शिमला जिला 1 सितंबर 1972 को जिला पुनर्गठन के बाद अस्तित्व में आया।

1972 के बाद हिमाचल प्रदेश में कितने जिले रहे?

1972 के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश में कुल 12 जिले हो गए।

ये जिले हैं—

  1. बिलासपुर
  2. चंबा
  3. हमीरपुर
  4. कांगड़ा
  5. किन्नौर
  6. कुल्लू
  7. लाहौल-स्पीति
  8. मंडी
  9. शिमला
  10. सिरमौर
  11. सोलन
  12. ऊना

हिमाचल प्रदेश सरकार की वर्तमान राज्य-प्रोफाइल में भी राज्य के 12 जिले और 55,673 वर्ग किमी क्षेत्रफल दर्ज हैं।

क्या 1972 के बाद हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल बदला?

नहीं।

1972 के जिला पुनर्गठन से हिमाचल प्रदेश के कुल क्षेत्रफल में वृद्धि या कमी नहीं हुई।

हिमाचल प्रदेश का कुल क्षेत्रफल

55,673 वर्ग किलोमीटर

यह क्षेत्रफल 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश में नए क्षेत्रों के विलय से प्राप्त हुआ था। सरकारी दस्तावेज के अनुसार 1 नवंबर 1966 को कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति तथा पंजाब के कुछ अन्य पहाड़ी क्षेत्रों के शामिल होने के बाद हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किमी हो गया था।

इसलिए परीक्षा में इन दोनों घटनाओं को अलग-अलग याद रखना चाहिए—

1966 → क्षेत्रफल में बड़ा विस्तार

1972 → जिलों का पुनर्गठन

1972 के बाद नक्शे में क्या बदला?

यहां "नक्शे में बदलाव" से मुख्य रूप से प्रशासनिक नक्शे को समझना चाहिए।

1972 में प्रशासनिक सीमाओं का पुनर्गठन हुआ और 10 जिलों के स्थान पर 12 जिले बने।

पहले

10 जिले

कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, महासू, मंडी, बिलासपुर, शिमला और सिरमौर।

1972 के बाद

12 जिले

बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना।

इस प्रकार प्रशासनिक नक्शे में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन महासू जिले के समाप्त होने, सोलन के नए जिले के रूप में बनने तथा कांगड़ा से हमीरपुर और ऊना के अलग होने के रूप में हुआ।

क्या 1972 के बाद जिलों की संख्या बदली?

हिमाचल प्रदेश सरकार के आधिकारिक इतिहास के अनुसार 1 सितंबर 1972 के बाद राज्य की जिला-स्तरीय प्रशासनिक संरचना में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

अर्थात 1972 में बनी 12 जिलों वाली जिला संरचना आज भी कायम है।

हालांकि, जिला स्तर से नीचे की प्रशासनिक इकाइयों—जैसे तहसील, उप-तहसील और उपमंडल—में समय के साथ परिवर्तन होते रहे हैं। इसलिए "1972 के बाद प्रशासनिक नक्शे में कोई बदलाव नहीं हुआ" को बिना संदर्भ के लिखना सही नहीं होगा। सही बात यह है कि जिला-स्तर पर 12 जिलों की संरचना बनी रही, जबकि निचली प्रशासनिक इकाइयों में परिवर्तन होते रहे।

क्षेत्रफल और प्रशासनिक नक्शा: अंतर समझें

विषय 19722 के बाद स्थिति
कुल भौगोलिक क्षेत्रफल55,673 वर्ग किमी
जिलों की संख्या12
1972 में जिलों की संख्या10 से बढ़कर 12
हमीरपुरकांगड़ा के पुनर्गठन से बना
ऊनाकांगड़ा के पुनर्गठन से बना
सोलन1972 में नया जिला
महासू1972 में जिले के रूप में समाप्त
जिला-स्तरीय संरचना1972 के बाद 12 जिले

1972 में हिमाचल के मानचित्र में बदलाव, क्षेत्रफल उतना ही पर दो जिलों (हमीरपुर और ऊना) का हुआ निर्माण। 


मानचित्र के मुख्य बिंदु

  1. काँगड़ा का त्रिभाजन: विशाल काँगड़ा जिले को विभाजित करके दो नए जिले हमीरपुर और ऊना बनाए गए, जबकि काँगड़ा स्वयं एक पृथक जिला बना रहा।

  2. महासू का विलोपन व नए जिलों का गठन: महासू जिले का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया। इसके क्षेत्रों तथा शिमला टाउन को मिलाकर पुनर्गठित शिमला और सोलन नाम से दो नए जिले बनाए गए।

  3. कुल संख्या व क्षेत्रफल: जिलों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल ($55,673 \text{ km}^2$) पूरी तरह अपरिवर्तित रहा।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1. 1972 में हिमाचल प्रदेश में क्या महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ?

उत्तर: जिलों का पुनर्गठन हुआ और जिलों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई।

प्रश्न 2. 1972 के बाद हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल कितना रहा?

उत्तर: 55,673 वर्ग किलोमीटर।

प्रश्न 3. क्या 1972 के जिला पुनर्गठन से हिमाचल प्रदेश का कुल क्षेत्रफल बदला?

उत्तर: नहीं।

प्रश्न 4. 1972 में कांगड़ा जिले के पुनर्गठन से कौन-से जिले बने?

उत्तर: हमीरपुर और ऊना।

प्रश्न 5. सोलन जिला कब बना?

उत्तर: 1 सितंबर 1972।

प्रश्न 6. 1972 में किस पुराने जिले का अस्तित्व समाप्त हुआ?

उत्तर: महासू जिला।

प्रश्न 7. 1972 के बाद हिमाचल प्रदेश में कितने जिले हो गए?

उत्तर: 12 जिले।

प्रश्न 8. हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किमी कब हुआ?

उत्तर: 1 नवंबर 1966 के पंजाब पुनर्गठन के बाद।

प्रश्न 9. 1972 के बाद जिला-स्तर पर हिमाचल प्रदेश में कितने जिले रहे?

उत्तर: 12 जिले।

प्रश्न 10. 1972 के बाद हिमाचल प्रदेश के जिला-स्तरीय प्रशासन में क्या स्थिति रही?

उत्तर: हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुसार 1 सितंबर 1972 के बाद जिला-स्तरीय प्रशासनिक संरचना में परिवर्तन नहीं हुआ।

याद रखने की ट्रिक

1966 = क्षेत्रफल बढ़ा

1972 = जिले बदले

1972 में: 10 → 12 जिले

कांगड़ा → हमीरपुर + ऊना

महासू → समाप्त

सोलन → नया जिला

क्षेत्रफल → 55,673 वर्ग किमी

निष्कर्ष

1972 के बाद हिमाचल प्रदेश के कुल क्षेत्रफल में कोई बदलाव नहीं हुआ। राज्य का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर ही रहा। 1 सितंबर 1972 को हुए जिला पुनर्गठन ने राज्य के प्रशासनिक नक्शे को बदल दिया और जिलों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई। कांगड़ा के पुनर्गठन से हमीरपुर और ऊना बने तथा महासू और शिमला क्षेत्रों के पुनर्गठन से सोलन और पुनर्गठित शिमला जिला अस्तित्व में आए। इसके बाद जिला-स्तर पर हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों वाली संरचना कायम रही।


Rakesh Kumar

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