राजस्थान करौली जिले का सामान्य ज्ञान : Rajasthan Karauli District GK in Hindi

नमस्कार दोस्तों राजस्थान का करौली जिला अपने अलग विशेषता रखता है। और इस जिले की अपनी सामान्य ज्ञान की जानकारी है। राजस्थान में होने वाली परीक्षाओं में अक्सर इस जिले से सवाल जरूर पूछा जाता है इसलिए मैं GK Pustak के माध्यम से राजस्थान के करौली जिले के सामान्य ज्ञान की जानकारी इस पोस्ट में लाया हूँ। इस पोस्ट में राजस्थान जिले के करौली जिले के इतिहास, भौगोलिक स्थिति,प्रशासनिक ढांचे,जनसांख्यिकी,नदियों,पर्यटन स्थलों,ऐतिहासिक स्थलों के सामान्य ज्ञान की जानकारी हिंदी में दी गई है।



Rajasthan Karauli District GK | राजस्थान करौली जिले का सामान्य ज्ञान



राजस्थान करौली जिले का इतिहास  | Karauli District History GK



करौली शहर राजस्थान का ऐतिहासिक और प्राचीन नगर है। यह करौली जिला का मुख्यालय है। इस शहर कि स्थापना लगभग 955 ई. के आसपास राजा विजय पाल ने की थी। ऐसा माना जाता है कि वे भगवान कृष्ण के वंशज थे। 1818 में जब भारत में अंग्रजी राज था करौली राजपूताना एजेंसी का हिस्सा बना। 1947 में भारत की आजादी के बाद यहां के शासक महाराज गणेश पाल देव ने भारत का हिस्‍सा बनने का फैसला किया था।


इतिहास कहता है कि इस जिले में राजाओं और मीणा जाती के बीच हमेशा प्रतिरोध रहा और इसी के कारण इसका विकास नहीं हो सका। 7 अप्रैल 1949 में यह राजस्थान के जिले के रूप में सामने आया।




करौली जिले की भौगोलिक स्थिति का सामान्य ज्ञान | Geography GK



करौली जिला राजस्थान के उत्तर पूर्वी भाग में स्थित है।


  • करौली जिले की मानचित्र में स्थिति 26°02 ′ से 27 ° उत्तरी अक्षांश और 76 ° 28 से 77 ° 25 l पूर्वी देशांतर के बीच में स्थित है।
  • करौली जिले की समुद्र तल से औसत ऊँचाई 260 मीटर है।
  • करौली जिले के पूर्व में स्थित राज्य जिला या देश -- राजस्थान का धौलपुर जिला
  • करौली जिले के पश्चिम में स्थित राज्य जिला या देश - राजस्थान का दोसा जिला
  • करौली जिले के उतर में स्थित राज्य जिला या देश - राजस्थान का भरतपुर जिला
  • करौली जिले के दक्षिण में स्थित राज्य जिला या देश - राजस्थान का सवाई माधोपुर जिला
  • करौली जिले को विंध्यांचल और अरावली पर्वत ने गेरा हुआ है। यहां पर भूमि समतल,ऊँची,और नीची पहाड़ियां भी शामिल हैं। यहां की मिट्टी हल्की रेतली है। यहां पर वार्षिक वर्षा 668.86 मि मी है। करौली जिले का अधिकतम तापमान मई में 49 डिग्री सेल्सियस और जनवरी में 2 डिग्री सेल्सियस है।

करौली जिले का प्रशासनिक ढाँचा 

  • करौली जिले के उप - खण्डों की संख्या - 8 हिंडौन उप खंड,करौली,टोडाभीम,नादौती,सपोटरा,मंडरायल, सूरौठ,मसालपुर
  • करौली जिले की पंचायत समितियों की संख्या - 7 हिंडौन, करौली, टोडाभीम,नादौती, सपोटरा,मंडरायल, मसालपुर
  • करौली जिले की नगर पालिकाओं की संख्या - 3 हिंडौन, करौली, टोडाभीम
  • करौली जिले की तहसीलों की संख्या - 6 हिंडौन, करौली, टोडाभीम,नादौती, सपोटरा,मंडरायल,
  • करौली जिले की ग्राम पंचयतों की संख्या - 223
  • करौली जिले की उप -तहसीलों की संख्या - 1
  • करौली जिले का मुख्यालय - करौली



राजस्थान के करौली जिले की जनसांख्यिकी 2011 जनगणना के अनुसार 


करौली जिले की कुल जनसंख्या - 14,58,248

करौली जिले की पुरुष जनसंख्या पुरुष जनसँख्या - 7,83,649

जिले की स्त्री जनसँख्या - 6,74,609

लिंगानुपात  - 861

जनसंख्या घनत्व - 264

साक्षरता दर - 66.2%

पुरुष साक्षरता दर - 81.4%

स्त्री साक्षरता दर - 48.6%

करौली जिले में दस साल में होने वाली जनसँख्या वृद्धि दर - 20.9%

करौली जिले में हिन्दू जनसंख्या - 98 %

करौली जिले की मुस्लिम जनसंख्या - 2 %


करौली जिले की नदियों का सामान्य ज्ञान 


1- कालीसिल नदी

कालीसिल नदी का उद्गम करौली जिले के सपोटरा गाँव की पहाड़ी से होता है।


2 - गंभीर नदी

गंभीर नदी का उद्गम करौली जिले में नादौती की पहाड़ि‍यों से होता है।


3 - पार्वती नदी II

पार्वती नदी II उद्गम करौली जिले के छापर गाँव की पहाड़ि‍यों से होता है।


राजस्थान के करौली जिले के पर्यटन स्थल या ऐतिहासिक स्थल


1- मण्डरायल का किला

मण्डरायल किले को ग्वालियर की कुंजी भी कहा जाता है। इस जगह पर पीर की पूजा होती है और मर्दानशाह पीर की जगह यहां पर बहुत Famous है। ये जगह हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्मों के लिए मान्य है।


2 - करौली जिले का ऊँट गिरी का किला

यह किला कल्याणपुर में स्थित है इसे उदितनगर उतनगर या अवंटगढ़ के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर कृष्ण जी महाराज की मूर्ति भी विराजमान है।


3 - करौली जिले का महावीर जी का मेला

यह मेला जैन धर्म के लिए बहुत ही famous है। इस स्थान पर जैन धर्म के लिए हर साल मेला लगता है। यहां पर महावीर जी की पूजा होती है और चमार जाति के लिए ये स्थान बहुत ही पूजनीय है। यहां पर मेला चैत्र मास में लगता है और रथ यात्रा भी निकलती है और ये यात्रा गंभीर नदी तक जाती है। इस यात्रा को जितेंद्र रथ यात्रा के नाम से जाना जाता है। इसमें ज्यादा तर मीणा और गुर्जर जाति के लोग हिस्सा लेते हैं।


4 - करौली जिले का कैलादेवी का मन्दिर

यह मंदिर त्रिकूट पहाड़ियों पर स्थित है। इस मंदिर की बाईं ओर कालीसिन नदी बहती है। इस मंदिर का निर्माण गोपाल सिंह ने करवाया था। मंदिर में कैलादेवी देवी का मुँह थोड़ा सा टेढा है इसके साथ यहां पर गणेश जी की मूर्ति भी विराजमान है। पुरे राजस्थान में केवल माँ दर्जा का ये ही मंदिर है जहां पर किसी की बलि नहीं चढाई जाती है।


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Rakesh Kumar

नमस्ते, मैं राकेश कुमार हूँ। शिक्षा और सामान्य ज्ञान के क्षेत्र में मेरी गहरी रुचि है। इसी उद्देश्य से मैंने Gkpustak की शुरुआत की, ताकि विद्यार्थियों को एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म मिल सके जहाँ वे अपनी तैयारी को बेहतर बना सकें।

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