हिमाचल प्रदेश का गठन और इतिहास : जन्म से पूर्ण राज्य बनने तक | GK Pustak

हिमाचल प्रदेश का गठन और इतिहास

हिमाचल प्रदेश के वर्तमान स्वरूप का निर्माण एक लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक पुनर्गठन के बाद हुआ। 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन तत्कालीन 30 पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से हुआ। इसके बाद बिलासपुर के विलय, पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों के हिमाचल में शामिल होने तथा विभिन्न प्रशासनिक पुनर्गठनों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश का वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ।

25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को भारतीय संघ का पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। इस कारण 25 जनवरी को हिमाचल प्रदेश का पूर्ण राज्यत्व दिवस (Statehood Day) मनाया जाता है।

हिमाचल प्रदेश का गठन कब हुआ?

हिमाचल प्रदेश का गठन 15 अप्रैल 1948 को हुआ था।

उस समय हिमाचल प्रदेश का गठन तत्कालीन 30 पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से किया गया था। प्रारंभ में हिमाचल प्रदेश में चार जिले बनाए गए थे:

  1. चंबा
  2. महासू
  3. मंडी
  4. सिरमौर

उस समय हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल लगभग 27,169 वर्ग किलोमीटर था।

इस प्रकार 15 अप्रैल 1948 को हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक अस्तित्व की शुरुआत हुई।

हिमाचल प्रदेश के गठन के समय 30 रियासतें कौन-कौन सी थीं और उनके संस्थापक कौन थे, उसके बारे में पढ़ें : गठन के समय हिमाचल प्रदेश की 30 रियासतें 

1948 में हिमाचल प्रदेश का गठन

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिमालयी क्षेत्र की अनेक छोटी-बड़ी रियासतों को एक प्रशासनिक इकाई में संगठित किया गया।

15 अप्रैल 1948 को इन पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया। प्रारंभ में यह Chief Commissioner's Province के रूप में गठित हुआ।

उस समय हिमाचल प्रदेश में चार जिले थे—चंबा, महासू, मंडी और सिरमौर।

परीक्षा के लिए याद रखें

15 अप्रैल 1948 → हिमाचल प्रदेश का गठन

चार प्रारंभिक जिले → चंबा, महासू, मंडी और सिरमौर


1950 में हिमाचल प्रदेश

भारत के संविधान के लागू होने के बाद 26 जनवरी 1950 को हिमाचल प्रदेश को Part-C State का दर्जा मिला।

यह व्यवस्था अधिक समय तक नहीं रही और आगे चलकर हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक स्थिति में कई परिवर्तन हुए। 

              यहां पढ़ें : 👉👉   हिमाचल प्रदेश को Part-C का दर्जा 


1954 में बिलासपुर का हिमाचल में विलय

1 जुलाई 1954 को तत्कालीन अलग प्रशासनिक इकाई बिलासपुर का हिमाचल प्रदेश में विलय कर दिया गया।

बिलासपुर के विलय के बाद हिमाचल प्रदेश में एक और जिला शामिल हुआ और जिलों की संख्या बढ़कर 5 हो गई।

महत्वपूर्ण तथ्य

1 जुलाई 1954 → बिलासपुर का हिमाचल प्रदेश में विलय

यह घटना हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी थी।

बिलासपुर का हिमाचल में विलय 1 जुलाई 1954 में हुआ इसके बारे में पूरा जाने : 👉👉बिलासपुर का हिमाचल प्रदेश में विलय पूरा इतिहास 



1956 में हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश बना

1 नवंबर 1956 को राज्यों के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश को केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बना दिया गया।

इस समय हिमाचल प्रदेश की अपनी विधानसभा समाप्त कर दी गई और इसका प्रशासन केंद्र के अधीन हो गया।

इस प्रकार हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ:

1950 → Part-C State

1956 → Union Territory

           👉👉 हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित कब बना क्यों बना पूरी जानकारी 


1960 में किन्नौर का गठन

1960 में महासू जिले के कुछ क्षेत्रों को अलग करके किन्नौर को एक नए सीमा जिले के रूप में गठित किया गया।

किन्नौर के गठन का संबंध हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक एवं सीमा व्यवस्था से था।

इस प्रकार हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक और महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ।

1960 में किन्नौर के गठन के बारे में विस्तार से : 👉👉किन्नौर जिला कैसे बना और उसका गठन 


1966 में हिमाचल प्रदेश का विस्तार

1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के बाद पंजाब के कई पहाड़ी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में शामिल किए गए।

इस पुनर्गठन के दौरान हिमाचल प्रदेश में मुख्य रूप से निम्न क्षेत्र शामिल हुए:

  • कांगड़ा
  • कुल्लू
  • लाहौल-स्पीति
  • शिमला
  • नालागढ़ तहसील का क्षेत्र
  • ऊना तहसील के कुछ क्षेत्र
  • डलहौजी क्षेत्र

इन क्षेत्रों के शामिल होने से हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल काफी बढ़ गया और उसका भौगोलिक स्वरूप वर्तमान हिमाचल के करीब आने लगा।

1966 के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 55,673 वर्ग किलोमीटर हो गया।

1966 का विलय क्यों महत्वपूर्ण है?

1966 में पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों के हिमाचल प्रदेश में शामिल होने से राज्य का क्षेत्रफल और प्रशासनिक महत्व दोनों बढ़े। वर्तमान हिमाचल प्रदेश के बड़े हिस्से की भौगोलिक संरचना इसी पुनर्गठन के बाद बनी।

इनके बारे में विस्तार से पढ़ें :

👉👉1966 में हिमाचल प्रदेश का विस्तार | पंजाब पुनर्गठन और हिमाचल प्रदेश 

👉👉1966 में कौन-कौन से क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के साथ जुजुड़े?



1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा

हिमाचल प्रदेश के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक 25 जनवरी 1971 है।

18 दिसंबर 1970 को संसद ने State of Himachal Pradesh Act पारित किया और 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश भारतीय संघ का 18वाँ राज्य बना।

इस प्रकार हिमाचल प्रदेश को केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।

याद रखने योग्य तथ्य

25 जनवरी 1971 → हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्य बना

18वाँ राज्य → हिमाचल प्रदेश

इसी कारण प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को हिमाचल प्रदेश का राज्यत्व दिवस मनाया जाता है।

जानिए हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राजत्व के बारे में : 👉हिमाचल प्रदेश को 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा


1972 में जिलों का पुनर्गठन

पूर्ण राज्य बनने के बाद हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक जिलों का पुनर्गठन किया गया।

1 सितंबर 1972 को प्रशासनिक पुनर्गठन के परिणामस्वरूप हमीरपुर और ऊना नए जिले बनाए गए। इसी पुनर्गठन में सोलन को भी जिला बनाया गया और पुराने महासू जिले का पुनर्गठन किया गया।

इसके बाद हिमाचल प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई।

आज हिमाचल प्रदेश में कुल 12 जिले हैं।

जानिए 👉👉हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राजत्व के बाद 1948 से 1972 तक का इतिहास 


हिमाचल प्रदेश के गठन की महत्वपूर्ण तिथियाँ

वर्ष/तिथिमहत्वपूर्ण घटना
15 अप्रैल 1948हिमाचल प्रदेश का गठन
26 जनवरी 1950Part-C State बना
1 जुलाई 1954बिलासपुर का हिमाचल में विलय
1 नवंबर 1956हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश बना
1960किन्नौर को अलग सीमा जिले के रूप में गठित किया गया
1 नवंबर 1966पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का हिमाचल में विलय
18 दिसंबर 1970State of Himachal Pradesh Act संसद में पारित
25 जनवरी 1971हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्य बना
1 सितंबर 1972जिलों का पुनर्गठन; हमीरपुर, ऊना और सोलन का गठन

हिमाचल प्रदेश के गठन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1. हिमाचल प्रदेश का गठन कब हुआ था?
उत्तर: 15 अप्रैल 1948।

प्रश्न 2. हिमाचल प्रदेश का गठन कितनी पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से हुआ था?
उत्तर: 30 पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से।

प्रश्न 3. हिमाचल प्रदेश के गठन के समय कितने जिले थे?
उत्तर: 4 जिले।

प्रश्न 4. हिमाचल प्रदेश के गठन के समय कौन-कौन से जिले थे?
उत्तर: चंबा, महासू, मंडी और सिरमौर।

प्रश्न 5. बिलासपुर का हिमाचल प्रदेश में विलय कब हुआ?
उत्तर: 1 जुलाई 1954।

प्रश्न 6. हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश कब बना?
उत्तर: 1 नवंबर 1956।

प्रश्न 7. किन्नौर को अलग जिला कब बनाया गया?
उत्तर: 1960 में।

प्रश्न 8. पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में कब शामिल किए गए?
उत्तर: 1 नवंबर 1966।

प्रश्न 9. हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?
उत्तर: 25 जनवरी 1971।

प्रश्न 10. हिमाचल प्रदेश भारतीय संघ का कौन-सा राज्य बना?
उत्तर: 18वाँ राज्य।

प्रश्न 11. हिमाचल प्रदेश में 12 जिलों का वर्तमान स्वरूप कब बना?
उत्तर: 1 सितंबर 1972 के जिला पुनर्गठन के बाद।

प्रश्न 12. हिमाचल प्रदेश का राज्य दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: 25 जनवरी।

हिमाचल प्रदेश के गठन को एक लाइन में याद करें

1948 → गठन

1950 → Part-C State

1954 → बिलासपुर का विलय

1956 → केंद्र शासित प्रदेश

1960 → किन्नौर जिला

1966 → पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का विलय

1971 → पूर्ण राज्य

1972 → जिलों का पुनर्गठन

हिमाचल प्रदेश सामान्य परिचय से संबंधित पोस्ट

हिमाचल प्रदेश के सामान्य परिचय की इस मुख्य पोस्ट से संबंधित विषयों को आप अलग-अलग पोस्ट के रूप में पढ़ सकते हैं:

निष्कर्ष

हिमाचल प्रदेश का वर्तमान स्वरूप कई चरणों में विकसित हुआ। 15 अप्रैल 1948 को 30 पहाड़ी रियासतों के एकीकरण से हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ। इसके बाद बिलासपुर का विलय, 1966 में पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का हिमाचल में शामिल होना और विभिन्न प्रशासनिक पुनर्गठनों ने राज्य के वर्तमान स्वरूप को आकार दिया।

अंततः 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह भारतीय संघ का 18वाँ राज्य बना।

इस प्रकार परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण तिथियाँ हैं:

15 अप्रैल 1948 — हिमाचल प्रदेश का गठन
1 जुलाई 1954 — बिलासपुर का विलय
1 नवंबर 1956 — केंद्र शासित प्रदेश
1 नवंबर 1966 — पंजाब के पहाड़ी क्षेत्रों का विलय
25 जनवरी 1971 — पूर्ण राज्य का दर्जा
1 सितंबर 1972 — जिला पुनर्गठन


Rakesh Kumar

Hello ! मेरा नाम राकेश कुमार है। शिक्षा एवं सामान्य ज्ञान के क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों के शिक्षण अनुभव के साथ मैंने GKPustak की स्थापना विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों और ज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले पाठकों तक सरल, तथ्यपरक और उपयोगी अध्ययन सामग्री पहुँचाने के उद्देश्य से की है। GKPustak पर आपको सामान्य ज्ञान (GK), हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान, भारत सामान्य ज्ञान, इतिहास, कंप्यूटर ज्ञान, मनोविज्ञान, शिक्षा, करंट अफेयर्स तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री और उपयोगी जानकारी मिलेगी। मेरा प्रयास है कि जटिल विषयों को सरल और सहज भाषा में, आवश्यक तथ्यों और संदर्भों के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें और अपनी पढ़ाई एवं परीक्षा की तैयारी को बेहतर बना सकें। विशेष रूप से ऐतिहासिक और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों में मेरा प्रयास रहता है कि जानकारी को तथ्यों के आधार पर, स्पष्ट और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया जाए। GKPustak में आपका स्वागत है। ज्ञान केवल जानकारी नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने की शक्ति है।

Please do not enter any spam link in comment box.

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने