भरमौर, जिसे भरमौर या भरमौर पट्टन के नाम से भी जाना जाता है, यह भारत के हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित एक छोटा सा शहर है। यह अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है और कई प्राचीन मंदिरों का घर है। यहां भरमौर चंबा में कुछ प्रमुख मंदिर हैं:
2. मनिमहेश मंदिर: चौरासी मंदिर संगठन के निकट स्थित मनिमहेश मंदिर क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह भगवान शिव को समर्पित है और खासकर अगस्त/सितंबर में आयोजित मनिमहेश यात्रा के दौरान भक्तों की बड़ी संख्या को आकर्षित करता है। मंदिर महान मनिमहेश कैलाश पर्वत के पीछे सुंदरता से स्थित है।
3. भरमाणी देवी मंदिर: भरमौर के पास एक पहाड़ी पर स्थित भर्मणी देवी मंदिर एक लोकप्रिय तीर्थस्थान है। यह मंदिर देवी भरमाणी को समर्पित है, जिसे देवी पार्वती का अवतार माना जाता है। भक्तगण मंदिर में देवी की आशीर्वाद लेने और आसपास के परिदृश्यों का आनंद लेने के लिए यात्रा करते हैं।
4. गणेश मंदिर: जैसा कि नाम से पता चलता है, यह मंदिर हाथी सिर वाले देवता भगवान गणेश को समर्पित है। यह भरमौर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है और स्थानीय लोगों द्वारा पूज्य है। मंदिर में सुंदर वास्तुकला प्रदर्शित की जाती है और भगवान गणेश के भक्तों के लिए आध्यात्मिक महत्व की जगह है।
5. हड़सर का गौरी-शंकर मंदिर : भरमौर से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित है, जो मणिमहेश यात्रा की शुरुआती बिंदु के रूप में कार्य करता है। यात्रा के दौरान, प्रातःकाल से शाम तक, मंदिर में आवश्यक सभी भक्तों का प्रवाह होता है और कई यात्री गौरी-शंकर मंदिर में आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं। इसके अलावा, हड़सर गांव के पुजारी मणिमहेश में गौरी कुंड और शिव कुंड पर पूजा-अर्चना करते हैं और भक्तों को प्रसाद बांटते हैं। गांव के एक ओर हनुमान मंदिर और दूसरी ओर चोली माता का मंदिर स्थित है।
6. कार्तिक स्वामी मंदिर भरमौर : खूबसूरत कुगती गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। नवंबर से दिसंबर के बीच भारी बर्फबारी के कारण कार्तिक स्वामी मंदिर बंद रहता है, और परंपरा के अनुसार इसके कपाट बैसाखी के दिन, जो अप्रैल के 13 या 14 तारीख को पड़ती है, खोले जाते हैं, जब मौसम का परिवर्तन होता है। मंदिर से करीब 500 मीटर दूर देवी मराली का मंदिर है, जहां लोग त्रिशूल और कटोरी आदि का आभार प्रकट करते हैं जब उनकी इच्छा पूरी होती है।
भरमौर में कौन - कौन से प्रसिद्ध मंदिर हैं ? | Famous Temples of Bharmaour
1. चौरासी मंदिर संगठन: यह मंदिर संगठन भरमौर की प्रमुख आकर्षण है और इसमें 84 प्राचीन मंदिर हैं। इस संगठन को भगवान शिव, देवी दुर्गा, भगवान गणेश और भगवान विष्णु सहित विभिन्न देवताओं को समर्पित किया गया है। चौरासी मंदिर संगठन के मंदिर अपनी अद्वितीय वास्तुकला और पेटीलू के नक्काशी के लिए जाने जाते हैं।2. मनिमहेश मंदिर: चौरासी मंदिर संगठन के निकट स्थित मनिमहेश मंदिर क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह भगवान शिव को समर्पित है और खासकर अगस्त/सितंबर में आयोजित मनिमहेश यात्रा के दौरान भक्तों की बड़ी संख्या को आकर्षित करता है। मंदिर महान मनिमहेश कैलाश पर्वत के पीछे सुंदरता से स्थित है।
3. भरमाणी देवी मंदिर: भरमौर के पास एक पहाड़ी पर स्थित भर्मणी देवी मंदिर एक लोकप्रिय तीर्थस्थान है। यह मंदिर देवी भरमाणी को समर्पित है, जिसे देवी पार्वती का अवतार माना जाता है। भक्तगण मंदिर में देवी की आशीर्वाद लेने और आसपास के परिदृश्यों का आनंद लेने के लिए यात्रा करते हैं।
4. गणेश मंदिर: जैसा कि नाम से पता चलता है, यह मंदिर हाथी सिर वाले देवता भगवान गणेश को समर्पित है। यह भरमौर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है और स्थानीय लोगों द्वारा पूज्य है। मंदिर में सुंदर वास्तुकला प्रदर्शित की जाती है और भगवान गणेश के भक्तों के लिए आध्यात्मिक महत्व की जगह है।
5. हड़सर का गौरी-शंकर मंदिर : भरमौर से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित है, जो मणिमहेश यात्रा की शुरुआती बिंदु के रूप में कार्य करता है। यात्रा के दौरान, प्रातःकाल से शाम तक, मंदिर में आवश्यक सभी भक्तों का प्रवाह होता है और कई यात्री गौरी-शंकर मंदिर में आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं। इसके अलावा, हड़सर गांव के पुजारी मणिमहेश में गौरी कुंड और शिव कुंड पर पूजा-अर्चना करते हैं और भक्तों को प्रसाद बांटते हैं। गांव के एक ओर हनुमान मंदिर और दूसरी ओर चोली माता का मंदिर स्थित है।
6. कार्तिक स्वामी मंदिर भरमौर : खूबसूरत कुगती गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। नवंबर से दिसंबर के बीच भारी बर्फबारी के कारण कार्तिक स्वामी मंदिर बंद रहता है, और परंपरा के अनुसार इसके कपाट बैसाखी के दिन, जो अप्रैल के 13 या 14 तारीख को पड़ती है, खोले जाते हैं, जब मौसम का परिवर्तन होता है। मंदिर से करीब 500 मीटर दूर देवी मराली का मंदिर है, जहां लोग त्रिशूल और कटोरी आदि का आभार प्रकट करते हैं जब उनकी इच्छा पूरी होती है।
7. लक्षणा देवी मंदिर भरमौर :
लक्षणा देवी मंदिर भरमौर, हिमाचल प्रदेश, भारत में स्थित है। यह प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है और भरमौर कस्बे में स्थित है। यह मंदिर उत्तराखंड की भगवान विष्णु के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्रेणी में आता है। मंदिर का स्थापना काल बहुत पुराना है और इसे महाभारत काल में बनाया गया माना जाता है।
लक्षणा देवी मंदिर भगवान विष्णु की पूजा और उनके अवतारों के लिए मान्यताएं धारण करता है। मंदिर में मां लक्ष्मी, मां पार्वती, मां सरस्वती और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में वन्यजीवों का भी विशेष महत्व है और इसे स्थानीय लोगों द्वारा पूजा जाता है।
मंदिर का स्थान पहाड़ी इलाके में होने के कारण इसे प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध किया जाता है। यहां से पर्यटक खूबसूरत हिमालयन पर्वतों की अद्वितीय दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
लक्षणा देवी मंदिर भरमौर के पास यात्रियों के लिए आवास की व्यवस्था भी है। वहां पर्यटक आरामदायक विश्राम घरों और होटलों में ठहर सकते हैं।
यदि आप भरमौर के लक्षणा देवी मंदिर की यात्रा करना चाहते हैं, तो आपको हिमाचल प्रदेश के भरमौर जिले में स्थित होने वाले लक्षणा देवी मंदिर के पास पहुंचना होगा। आपको आस-पास के नगरों से बस सेवा और अन्य यातायात सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
ये भरमौर चंबा के कुछ प्रमुख मंदिर हैं। क्षेत्र में आने वाले यात्री इन मंदिरों का अन्वेषण करके क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का अनुभव कर सकते हैं।
लक्षणा देवी मंदिर भरमौर, हिमाचल प्रदेश, भारत में स्थित है। यह प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है और भरमौर कस्बे में स्थित है। यह मंदिर उत्तराखंड की भगवान विष्णु के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्रेणी में आता है। मंदिर का स्थापना काल बहुत पुराना है और इसे महाभारत काल में बनाया गया माना जाता है।
लक्षणा देवी मंदिर भगवान विष्णु की पूजा और उनके अवतारों के लिए मान्यताएं धारण करता है। मंदिर में मां लक्ष्मी, मां पार्वती, मां सरस्वती और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में वन्यजीवों का भी विशेष महत्व है और इसे स्थानीय लोगों द्वारा पूजा जाता है।
मंदिर का स्थान पहाड़ी इलाके में होने के कारण इसे प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध किया जाता है। यहां से पर्यटक खूबसूरत हिमालयन पर्वतों की अद्वितीय दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
लक्षणा देवी मंदिर भरमौर के पास यात्रियों के लिए आवास की व्यवस्था भी है। वहां पर्यटक आरामदायक विश्राम घरों और होटलों में ठहर सकते हैं।
यदि आप भरमौर के लक्षणा देवी मंदिर की यात्रा करना चाहते हैं, तो आपको हिमाचल प्रदेश के भरमौर जिले में स्थित होने वाले लक्षणा देवी मंदिर के पास पहुंचना होगा। आपको आस-पास के नगरों से बस सेवा और अन्य यातायात सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
ये भरमौर चंबा के कुछ प्रमुख मंदिर हैं। क्षेत्र में आने वाले यात्री इन मंदिरों का अन्वेषण करके क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का अनुभव कर सकते हैं।