हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार है जो काँगड़ा जिले में स्थित है जिसे पोंग डैम झील (Pong Dam Lake) के नाम से भी जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश में होने वाली परीक्षाओं में इसके बारे में सवाल पूछा जाता है।
हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार कौन सा है?
परीक्षा की दृष्टि से अन्य जानकारी :-
- किस स्थान पर स्थित है: कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश
- स्थापना कब हुई: 1983 में इसे पक्षी विहार घोषित
- क्षेत्रफल: लगभग 307 वर्ग किलोमीटर
- झील का निर्माण: ब्यास नदी पर बने पोंग बांध के कारण
महाराणा प्रताप पक्षी विहार का हिमाचल के लिए महत्व
यहां पाए जाने वाले पक्षी
विशेषताएं
- यह रामसर आर्द्रभूमि (Ramsar Site) के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।
- यहां हर वर्ष लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं।
- पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण है।
- हिमाचल प्रदेश में पक्षियों की विविधता के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
वन-लाइनर:
"महाराणा प्रताप सागर (पोंग डैम) पक्षी विहार, कांगड़ा जिले में स्थित हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है।"
महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार (पोंग झील) – हिमाचल प्रदेश परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- 1. हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार कौन-सा है?
- उत्तर: महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार (पोंग झील)
- 2. महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार किस जिले में स्थित है?
- उत्तर: ऊना और कांगड़ा जिलों में
- 3. महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार का निर्माण किस जलाशय के कारण हुआ?
- उत्तर: पोंग बांध (महाराणा प्रताप सागर)
- 4. पोंग बांध किस नदी पर बनाया गया है?
- उत्तर: ब्यास नदी
- 5. महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार को रामसर स्थल (Ramsar Site) का दर्जा कब मिला?
- उत्तर: 2002 में
- 6. यह पक्षी विहार किस प्रकार के पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है?
- उत्तर: प्रवासी (Migratory) पक्षियों के लिए
- 7. सर्दियों में यहां आने वाले पक्षी मुख्यतः किन क्षेत्रों से आते हैं?
- उत्तर: साइबेरिया, मध्य एशिया और यूरोप
- 8. बार-हेडेड गूज किस पक्षी विहार में बड़ी संख्या में देखी जाती है?
- उत्तर: महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार
- 9. महाराणा प्रताप सागर का दूसरा नाम क्या है?
- उत्तर: पोंग झील
- 10. पोंग बांध का निर्माण किस वर्ष पूरा हुआ था?
- उत्तर: 1974
- 11. महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार को वन्यजीव अभयारण्य कब घोषित किया गया?
- उत्तर: 1983
- 12. इस पक्षी विहार का प्रमुख महत्व क्या है?
- उत्तर: जैव विविधता संरक्षण एवं प्रवासी पक्षियों का आवास
- 13. यहां पाए जाने वाले प्रमुख पक्षियों में कौन-कौन शामिल हैं?
- उत्तर: बार-हेडेड गूज, पेलिकन, कॉर्मोरेंट, मल्लार्ड, पिंटेल, कूट आदि।
- 14. हिमाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल कौन-सा है?
- उत्तर: महाराणा प्रताप सागर (पोंग झील)
- 15. महाराणा प्रताप सागर पक्षी विहार किस राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित है?
- उत्तर: पठानकोट–मंडी मार्ग के निकट
एक पंक्ति में याद रखें
"पोंग झील (महाराणा प्रताप सागर) – ब्यास नदी पर स्थित, हिमाचल का सबसे बड़ा पक्षी विहार, 1983 में अभयारण्य और 2002 में रामसर स्थल घोषित।"
HP Patwari, HP Police, JOA IT, Clerk, TGT और Panchayat Secretary परीक्षाओं में इससे जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

